मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Thursday, April 21, 2011

ट्यूशन

ट्यूशन 

प्राथमिक कक्षाओं तक 
सोहन बड़ा होशियार था ,
शिक्षकों को उस पर नाज था ,
सबको लगाव और प्यार था |

उसी गाँव के माध्यमिक में 
सोहन के पिता अध्यापक हैं ,
वहीँ श्रीमान शर्मा जी ,
गणित के अध्यापक हैं |

शर्मा जी का मिंटू थोडा 
फितरत से उद्दण्ड है ,
कभी नहीं अव्वल आया 
जाने फिर क्यों घमण्ड है !

शर्मा जी बच्चों को घर पर 
ट्यूशन भी पढ़ाते हैं ,
जितनी नहीं तनख्वाह , उससे 
ज्यादा घर पर कमाते हैं |

जो बच्चे ट्यूशन पढ़ते हैं ,
शर्मा जी के ख़ास होते हैं ,
गणित विषय की परीक्षा में 
वही बच्चे पास होते हैं |

सोहन तो होशियार है ,
कभी ट्यूशन नहीं पढता ,
इसीलिए सोहन को 
मिंटू पसंद नहीं करता |

परीक्षा हुई शुरू ,
जैसे मिंटू के लिए खेल हो गया ,
अब तक अव्वल आने वाला 
सोहन गणित में फेल हो गया |

                                             " प्रवेश"

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