ये तू मुझसे क्या चाहता है !
दर्द देकर दवा चाहता है!!
बबूल पर आम नहीं लगते हैं।
दगा के बदले वफ़ा चाहता है!!
पैर अपनों की छाती पे रखकर
बता कौन सा आसमाँ चाहता है!!
भला कह, भला सुन, भला लिख, भला कर।
अपना अग़र तू भला चाहता है।।
कभी आईने से भी बतिया लिया कर।
खुद से कहाँ भागना चाहता है !! ~ प्रवेश ~
दर्द देकर दवा चाहता है!!
बबूल पर आम नहीं लगते हैं।
दगा के बदले वफ़ा चाहता है!!
पैर अपनों की छाती पे रखकर
बता कौन सा आसमाँ चाहता है!!
भला कह, भला सुन, भला लिख, भला कर।
अपना अग़र तू भला चाहता है।।
कभी आईने से भी बतिया लिया कर।
खुद से कहाँ भागना चाहता है !! ~ प्रवेश ~