सेवानिवृत्ति के बाद बदल जाती है दिनचर्या
समर्पित सेवक समय लेते हैं ढलने में
सरलता से नहीं जाता सेवा का भाव।
सेवा में रहते हुए जो रहते हैं सेवानिवृत्त
सेवा चाहते हैं सेवानिवृत्ति के बाद
चाहकर भी नहीं आता सेवा का भाव। ~प्रवेश~
सेवानिवृत्ति के बाद बदल जाती है दिनचर्या
समर्पित सेवक समय लेते हैं ढलने में
सरलता से नहीं जाता सेवा का भाव।
सेवा में रहते हुए जो रहते हैं सेवानिवृत्त
सेवा चाहते हैं सेवानिवृत्ति के बाद
जिसे ऐतराज था
कि उसे दीपावली पर न कहा जाय
हैप्पी दिवाली,
जो सुनना चाहता था
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ ,
आज मिला तो बोला
आजकल बच्चे
उसे गुड मॉर्निंग विश नहीं करते। ~ प्रवेश ~