मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Wednesday, September 14, 2011

हिंदी का पुट


हिंदी का पुट


आमजन की बोली में , हँसी में ठिठोली में 

दीन की पुकार में , नेता की जयकार में 

हिंदी का पुट है |



गृहस्थी के भोग में , जोगी के जोग में 

बहुत बड़े सोची में , सड़क के मोची में 

हिंदी का पुट है |



अनाड़ी की गाली में , महफ़िल ए कव्वाली में 

बोली में किसान की , शोध में विज्ञान की 

हिंदी का पुट है |



माँ के प्यार में , बाप के दुलार में 

राशन की दुकान में , सपनों की उड़ान में 

हिंदी का पुट है |



अनशन में - आन्दोलन में , घृणा में - सम्मोहन में 

गाड़ी में रेल में , प्रतिस्पर्धा और खेल में 

हिंदी का पुट है |


                                                           "प्रवेश "

1 comment:

  1. कमाल की रचना है प्रवेश भाई │ सच में आपकी इस रचना को पढ़ कर दिल खुश हो गया शुक्रिया इस खूबसूरत रचना के लिए │

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