वक्त फिर कुछ इस तरह कटने लगा है |
एक - एक दिन साल सा लगने लगा है ||
एक - एक दिन साल सा लगने लगा है ||
आँखों में सपने कई पलने लगे हैं |
दिल भी सौ - सौ ख़्वाब अब बुनने लगा है ||
दिल भी सौ - सौ ख़्वाब अब बुनने लगा है ||
मैं लगाये पंख जैसे उड़ रहा हूँ |
साथ में सारा जहां उड़ने लगा है ||
साथ में सारा जहां उड़ने लगा है ||
अजनबी तू कौन है, नहीं जानता हूँ |
मगर हर रिश्ते से तू जुड़ने लगा है ||
मगर हर रिश्ते से तू जुड़ने लगा है ||
आ सुनूं तेरी, मैं कुछ अपनी सुनाऊँ |
मेरा मैं अब मुझसे ही लड़ने लगा है || ~ प्रवेश ~
मेरा मैं अब मुझसे ही लड़ने लगा है || ~ प्रवेश ~