मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Monday, September 10, 2012

मैं शब्दचित्र बनाता हूँ |


मैं शब्दचित्र बनाता हूँ |
फुटबाल खेलता धरती से
सूरज को नहलाता हूँ ,
मैं शब्दचित्र बनाता हूँ |

चंदा का मुखड़ा धोता हूँ
नदियों को राह दिखाता हूँ ,
मैं शब्दचित्र बनाता हूँ |

गूंगा वक्ता बन जाता है
बहरे को गीत सुनाता हूँ ,
मैं शब्दचित्र बनाता हूँ |

शेर भटकता जंगल में
गीदड़ को ताज पहनाता हूँ ,
मैं शब्दचित्र बनाता हूँ |

पानी को पानी से धोकर
पानी को स्वच्छ बनाता हूँ ,
मैं शब्दचित्र बनाता हूँ |

आशाओं का थैला लेकर
खुशियाँ तलाशने जाता हूँ ,
मैं शब्दचित्र बनाता हूँ |

जात - धर्म की बेड़ी को
अपनेपन से पिघलाता हूँ ,
मैं शब्दचित्र बनाता हूँ |

नफरत की दीवारों में
प्रेम की सेंध लगता हूँ ,
मैं शब्दचित्र बनाता हूँ |
                                           "प्रवेश"

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