मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Tuesday, December 27, 2011

प्यारी सी मुस्कान


प्यारी सी मुस्कान

कीमत क्या इसकी, तू जान भी ले लेना 

बदले में प्यारी सी मुस्कान देना |


बड़े काले चेहरे नकाबों में फिरते 

गैरों में अपनों को पहचान लेना |


पीछे हटें न कदम बढ़ जो जाएँ 

आगे ही बढ़ना है , ये ठान लेना |


मेहनत तुम्हारी और रहमत खुदा की 

किसी का न सर पे तू  अहसान लेना |


यकीं ना रहे जब दुआओं पे खुद की 

तो आकर मेरा हाल भी जान लेना |


                                        "प्रवेश " 

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