मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Monday, June 20, 2011

लाल पाणी कि बोतल

लाल पाणी कि बोतल 

लाल पाणी कि बोतला सलाम तकैं |
राती ब्याव सबै कुनी फाम तकैं |

गणेश पूजा में लै तेरी मांग है गे ,
तेरी जरूरत आब हर आंग है गे ,
तू दगड़ी छै तो नि लागुन ग़म मकैं |
लाल पाणी कि बोतला सलाम तकैं |

म्यर गौं क नन -  ठुल सब तयार यार छीं ,
आब तो सैनी लै त्यारै तरफदार छीं , 
तू ना तो पसंद नि ऑन क्वे काम मकैं |
लाल पाणी कि बोतला सलाम तकैं |

हर बखत आब  त्यारै विचार कुनू ,
त्यर बिना हर घडी बीमार रहुनू ,
तू छै तो नि ऑन जर - जुकाम मकैं |
लाल पाणी कि बोतला सलाम तकैं |

ब्याव जब लेबरी कबर घर में आनू ,
सच बतूं , कसम से भौते थाकि जानू ,
त्यर द्वी घूँट दी दिनी  ऐराम मकैं |
लाल पाणी कि बोतला सलाम तकैं |

जब बै गौं - गौं में तेरी चर्चा है गे ,
तू लै खूब रंग बदलन भै गे ,
त्यर बकाई रंगोंक लै औनी नाम मकैं |
रंगीली - चंगिली  कि बोतला सलाम तकैं |

                                                         " प्रवेश"


2 comments:

  1. yeah lal pani ki botal se kya tatparya hai aapka

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  2. yah rachna kumaouni me hone ke karan aap title ka arth hi samajh payi hain... puri rachna padhkar iska matlab spasht ho jata hai... lal pani ki bottle ka matlab .. wine ki bottle se hai...

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