वर्तमान परिस्थितियों से सम्बंधित रचनाएँ
सेवानिवृत्ति के बाद बदल जाती है दिनचर्या
समर्पित सेवक समय लेते हैं ढलने में
सरलता से नहीं जाता सेवा का भाव।
सेवा में रहते हुए जो रहते हैं सेवानिवृत्त
सेवा चाहते हैं सेवानिवृत्ति के बाद