मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Sunday, October 2, 2016

मेरे पास नहीं आयेगा तो किधर जायेगा।
मैं भी हौंसला न दूँगा तो बिखर जायेगा।।

मेरा जो अच्छा वक़्त था मेरा नहीं रहा।
मेरा बुरा वक़्त भी गुज़र जायेगा।।

अपने घर में तो कुत्ता शेर होता है।
उसको आँख दिखा दो तो डर जायेगा।।

वो कतई भरोसे के काबिल नहीं है।
हाथ मिलायेगा मुकर जायेगा।।

कभी होश वालो समझाओ तो शराबी को।
वो मैखाना छोड़कर सीधा घर जायेगा।। ~ प्रवेश ~


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