मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Sunday, July 17, 2016

सुधार

कहते हो आयेगा जमाना और भी ख़राब
कल की तो छोड़िये आप पहले आज कीजिये।
गाली बिना बोल मुख से ना झरता है एक
छोटे - बड़े का तो थोड़ा सा लिहाज कीजिये।
आज नहीं सुधरे जो कल तो बिगड़ना है
सुधरने का आप खुद से आगाज़ कीजिये।
चरित सुधर जाये बोल जो सुधर गए
फिर जिसके चाहिए दिलों पे राज कीजिये। ~ प्रवेश ~