मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Friday, December 18, 2015

घबरा मत

घबरा मत .. तिलमिला नहीं ।
तूने जब कुछ किया नहीं ॥

डरना काम है झूठों का ।
सच को किसी ने छुआ नहीं ॥

बोला जो  उघड़ता जायेगा ।
चुप रहा किसी से खुला नहीं ॥

खुद से ज्यादा विश्वास न कर ।
तेरे काम में कोई सगा नहीं ॥

बकती है दुनिया बका करे ।
इससे  काम तो दूजा हुआ नहीं ॥ ~ प्रवेश 

1 comment: