मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Wednesday, June 24, 2015

भूख को पेट-निकाला !

मैं देखना चाहता हूँ
वह दिन जब
भूख उदर की
दर - दर भटके
उसे खाली न मिले
कोई भी पेट,
जो मिले कहीं
तो व्यवस्था हो
ताकि तुरंत दिया जा सके
भूख को पेट-निकाला !
आप ये न समझें
कि मैं अमर होना चाहता हूँ,
यह आशावादिता है !! ~ प्रवेश~

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