मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Thursday, October 9, 2014

हम मँझधार में अटके हुए लोग

दाहिने हाथ की तरफ बैठे हुए
भाइयो एवं बहनो
हम मँझधार में अटके हुए लोग
समर्थक हैं आपके
कट्टर समर्थक।

हमारा कर्तव्य है
आपके हर कार्य को
उचित सिद्ध करना
आपके हर वक्तव्य को
प्रासंगिक रूप देना ।

आप तो जानते हैं
आपके लिए हम लगा देते हैं
एड़ी - चोटी का जोर
और सम्पूर्ण बुद्धि कौशल,
ये बायीं ओर वाले
हमें अंधभक्त भी कहते हैं ।

और तुम भी सुन लो
बायीं तरफ खड़े लोगो
क्योंकि हम कट्टर समर्थक हैं
दाहिनी तरफ वालों के
तो इसलिए तुम्हारे सही कदम को भी
गलत साबित करने में
हम वही जी - जान लगाते हैं
जो दाहिनी ओर वालों के
गलत को सही करने में लगाते हैं ।

अब गौर से सुनो
आर -पार वालो
हम मँझधार में हैं
क्योंकि तुम लोग
इस्तेमाल करते हो हमें
अपने पाले बदलने के लिए,
तुम्हारी नौका भर बनकर रह जाते हैं हम
मर - खप  तक जाते हैं तुम्हें पार लगाने में । ~ प्रवेश 

1 comment: