मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Friday, October 4, 2013

सिर तुम्हारा - अक्ल तुम्हारी

सिर  तुम्हारा
अक्ल तुम्हारी
मंदिर तुम्हारा  
भगवान तुम्हारा 
मस्जिद तुम्हारी 
खुदा तुम्हारा
मगर अफ़सोस !!!
फिर भी सब कुछ 
माइक - माला वालों के पास 
गिरवी रखे बैठे हो ।  ~ प्रवेश ~ 

No comments:

Post a Comment