मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Monday, August 12, 2013

क्यों इस तरह से बवाल कीजिये

क्यों इस तरह से बवाल कीजिये 
अब खुद ही अपनी कोई ढाल कीजिये ।

बेटे तो  तुम्हारे पालने तक ही थे 
अम्मा ! अब खुद अपनी देखभाल कीजिये । 

आता नहीं अगर कोई जवाब उधर से 
तो फिर क्यों सवाल पे सवाल कीजिये !

इससे पहले कि जंग खा जाये
तलवार का सही इस्तेमाल कीजिये । 

हौंसला न कीजिये जवानी की तरह 
तनिक उमर का भी तो खयाल कीजिये । 
                                             " प्रवेश " 

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