मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Saturday, April 6, 2013

रफ़्तार का नशा

नशा
केवल शराब , चरस ,
गांजा , अफीम
या मोहब्बत का ही नहीं होता ।
अभी - अभी
रफ़्तार के नशे में
जो कीचड़ उछालकर गया है
मेरी तरफ ,
मेरी साईकिल की सीट
उसकी कार से ऊंची है ।
                          " प्रवेश "

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