मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Wednesday, December 12, 2012

क्रिकेट का मैदान है ये दुनिया

क्रिकेट का मैदान है ये दुनिया
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क्रिकेट का मैदान है ये दुनिया |
जिंदगी की पिच पर
मैच है तो पाँच दिन का
लेकिन नतीजा निकल आता है
चौथे ही दिन ।

संयम के साथ हर दिन
बहुत संभलकर खेलना होता है ।
अगर जीतना है शान से
तो शानदार प्रदर्शन जरूरी है
हर क्षेत्र में ।

बल्लेबाजी की कमजोरी
छिपाई जा सकती है
अच्छी गेंदबाजी से ,
और अच्छी बल्लेबाजी से
गेंदबाजी को बल मिलता है ।

जी जान लगा देनी होती है
क्षेत्ररक्षण में ,
और साथ ही जरूरी है
एक कुशल पथ - प्रदर्शक ।

भगवान साथ होने से ही
जीत हासिल नहीं होती,
मेहनती का साथ ही
जीत को पसंद है ।

जिंदगी जीना
कोई बच्चों का खेल नहीं ।
                                         " प्रवेश "

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