मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Tuesday, November 6, 2012

जब शादीशुदा हो जाओगे

जब शादीशुदा हो जाओगे 

www.praveshbisht.blogspot.com

कुछ इस तरहा हो जाओगे 
जब शादीशुदा हो जाओगे ।

खाना भी बनाना सीखोगे 
बर्तन भी धोना सीखोगे 
धोबी भी कभी बन जाओगे  
जब शादीशुदा हो जाओगे ।

सब मौज तुम्हारी जायेगी 
हर शाम को शामत आयेगी 
डर से घर जल्दी आओगे 
जब शादीशुदा हो जाओगे ।

हर हफ्ते खरीदारी होगी 
सिनेमा की तैंयारी होगी 
लम्बी जेबें सिलवाओगे 
जब शादीशुदा हो जाओगे ।

फिर याद करोगे दिन बीते 
जब शेर की तरहा थे जीते 
भीगी बिल्ली बन जाओगे 
जब शादीशुदा हो जाओगे ।

ये बात अभी ना मानोगे 
जल्दी सच को पहचानोगे 
फिर औरों को समझाओगे 
जब शादीशुदा हो जाओगे ।
                                         " प्रवेश "

No comments:

Post a Comment