मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Friday, September 21, 2012

बुरा कह दे

बुरा कह दे 
चाहे बेवजह कह दे  
कोई तो बुरा कह दे ।

नाहक  वाह - वाही ना करे
गर हूँ तो बेसुरा कह दे ।

झूठा तो दिलासा ना ही दे ।
हूँ गैर तो  अलविदा कह दे ।

पत्थर तो बहुत पूजे हैं
कभी खुदा को भी खुदा कह दे |

चाहे ना बुरा बनना कोई
ये सोचे कि दूसरा कह दे |

चाहे बेवजह कह दे
कोई तो बुरा कह दे ।
                                          "प्रवेश "




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