मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Tuesday, August 14, 2012

मैं कौन हूँ !!

मैं कौन हूँ !!

दोस्ती सबसे पक्की है
सबकी मुझसे पहचान है ।
दुनिया में ऐसा कोई नहीं
जो मुझसे अनजान है ।
तुमने देखा होगा मुझे
पौलिथिन खाती गाय में ,
बर्फ में पंजा डालकर
मछली ढूँढ़ते सफ़ेद भालू में ,
जान जोखिम में डालकर
शेर के इलाके में चरने जाते हिरणों में ,
पुरानी सूखी हड्डी पर
दाँत पैने  करते हुए कुत्ते में,
दरवाजे पर हाथ फैलाये खड़े
सूखते कंकालों में।
तुमने ढाबे से खाना चुराता हुआ
बच्चा तो देखा ही  होगा ।
और भी कई जगह
मुलाकात हुई होगी हमारी ।
चलो दूसरे संकेत देती हूँ
शायद अब पहचान जाओ ।
तुम ही नहीं बल्कि हर कोई
दौड़ - धूप करता है
मुझे बुझाने की खातिर ।
जी नहीं ...
आग नहीं हूँ मैं ...
मैं बसती  तो हूँ पेट में
पर असर दिमाग पर करती हूँ ।
भर पेट अगर खाना मिल जाये
तो एक पल नहीं ठहरती हूँ ।
मेरे बारे में इससे अधिक
और कुछ ना कहा जाये ,
मैं जो भी हूँ  , गर लग जाऊँ
तो इन्सान - इन्सान को खा जाये ।

                                                               " प्रवेश "

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