मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Saturday, July 21, 2012

नौकरी की तलाश

नौकरी की तलाश

डिग्रियां हैं बड़ी - बड़ी, काबिलियत भी पास है ।
कमी नहीं किसी चीज की, एक नौकरी की तलाश है ।।

थक गया विज्ञापन पढ़ , साक्षात्कार दे थक गया ।
माँ फिर भी हिम्मत बँधाती है, जिन्दा उसी से आस है ।।

ईमान गर गिरवी रखूँ , तो पद कई खाली पड़े ।
बेईमान एक चलती हुई , इज्जतदार लाश है ।।

रोटी बनानी आती है , मक्खन लगाना नहीं आता ।
मक्खन लगाना जिन्हें आता , जिंदगी उनकी झकास है ।।

                                                                             "प्रवेश "

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