मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Friday, July 6, 2012

हाय पसीना

हाय पसीना

हाय पसीना - हाय पसीना ,
गर्मी में मुश्किल हुआ जीना ।
हाय पसीना - हाय पसीना।

कूलर के आगे भी पसीना
पंखे के नीचे भी पसीना
ए. सी. की तैसी हो जाये
बिन साबुन  नहलाय पसीना ।
हाय पसीना - हाय पसीना।

बिजली के जाने से पसीना
बिजली के आने से पसीना
पेड़ के नीचे खुली हवा में
तर - तर - तर - तर आय पसीना ।
हाय पसीना - हाय पसीना।

मानसून जी जल्दी आओ
बरखा रानी को संग लाओ
तुम आओगे तो शायद ही
कुछ दिन छुट्टी जाय पसीना।
हाय पसीना - हाय पसीना


                                       "प्रवेश "

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