मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Monday, March 26, 2012

आईना करे सवाल


आईना करे सवाल



आईना करे सवाल , क्या करूँ 

पूछे मेरा हाल,  क्या करूँ ।


झूठ बोलना सीखा ही नहीं 

सच कहूँ तो मचे बवाल , क्या करूँ ।


झुर्रियों की वजह पूछता है 

गहराती सालों - साल , क्या करूँ ।


ठहर - ठहर चलने लगा हूँ 

सुस्त पड़ गयी चाल , क्या करूँ ।


जवानी के नुस्खे पढने लगा हूँ 

कहीं हो न जाये कमाल , क्या करूँ ।


आईना करे सवाल क्या करूँ !!!



                                  प्रवेश 

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