मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Wednesday, December 14, 2011

हाइकु - तुम्हारी अदा


हाइकु - तुम्हारी अदा


वो चल देना 

जुल्फें झटककर 

तुम्हारी अदा |


टेढ़ी मुस्कान 

सुर्ख अधरों पर

तुम्हारी अदा |


नागिन चोटी 

बलखाती कमर

तुम्हारी अदा |


वो चंचलता 

बिखराती नजर 

तुम्हारी अदा |


पलटकर 

कभी देखो इधर 

कर लो  खता |


कभी दिल में 

देखो उतरकर 

हमारी अदा |

                          "प्रवेश "

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