मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Tuesday, October 18, 2011

खाना कम करो बाबू


खाना कम करो बाबू 

जरा रखो तोंद पर काबू 
जनाजा भारी होगा |
जरा खाना कम करो बाबू 
बड़ा हितकारी होगा |

कई पेट हैं भूखे 
कई थालियाँ खाली,
कोई रात दिन मेहनत करके भी 
बस खाये गाली |

कुछ ख्याल करो इनका भी 
ये कदम उपकारी होगा |
जरा खाना कम करो बाबू 
बड़ा हितकारी होगा |

छत नहीं सर पर इनके 
ना तन पर जामा ,
कृष्ण नहीं इनका कोई 
बेकृष्ण सुदामा |

कुछ दर्द खाओ ,
आंसू पियो , गुणकारी होगा |
जरा खाना कम करो बाबू 
बड़ा हितकारी होगा |

जरा रखो तोंद पर काबू 
जनाजा भारी होगा |


                                          "प्रवेश "

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