मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Tuesday, May 10, 2011

पानी और शराब

पानी और शराब 

अजी ! खाली दिमाग 
शैतान का घर ,
यूँ ही बैठे -बैठे 
खयाल आ गया |

दोनों ही तरल 
और पेय हैं ,
फिर भी दोनों में 
भेदभाव किया जाता है ,
शराब तो पी जाती है ,
जबकि पानी पिया जाता है |

फिर खयाल आया कि
पानी से कोई
 बहकता नहीं ,
पानी पीकर ना ही
 बना है कभी ,
पानी पीकर कोई 
घर उजड़ता नहीं |
शराब से ज्यादा
 जरूरी है पानी ,
फिर भी पानी की
 किसी को लत नहीं |

कई गुना कम कीमत है 
एक बोतल पानी की ,
इसीलिये पानी की 
क़द्र भी नहीं की जाती है ,
अब समझ में आया,
क्यों पिया जाता है पानी ,
और शराब क्यों पी जाती है |

                                                "प्रवेश"

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