मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Saturday, May 7, 2011

कभी - कभी

कभी - कभी 

जिनके नाम से चलती थी साँसे ,
वही अब कभी - कभी ख्यालों में आते हैं |

जिनके दीदार से होती थी सुबह ,
जिनकी आगोश में गुजरता था दिन ,
जिनके नाम से ढलती थी शाम ,
वही अब कभी - कभी ख्यालों में आते हैं |

कभी जिनको हमने खुदा माना अपना ,
और सदा सर- आँखों पर बिठाया ,
कभी जिनके संग में खायी थी कसमें,
वही अब कभी - कभी ख्यालों में आते हैं |

हमने सदा ही ख़ुशी चाही जिनकी ,
साया कभी गम का पड़ने दिया ना,
इतना बड़ा गम दिया है जिन्होंने ,
वही अब कभी - कभी ख्यालों में आते हैं |

हमको पता न हमारी खता का ,
फिर भी उन्होंने सजा हमको दी है ,
कभी जिनकी राहों के काँटे चुगे थे ,
वही अब कभी - कभी ख्यालों में आते हैं |

अब एक ख्वाहिश है ग़मगीन दिल की ,
और हम यही माँगते हैं खुदा से ,
कभी हम भी जाएँ ख्यालों में उनके ,
जो कभी - कभी हमारे ख्यालों में आते हैं |

                                                        "प्रवेश"

कभी - कभी का मतलब अक्सर नहीं बल्कि बहुत कम (rare ) है | 

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