मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Thursday, March 31, 2011

शादी कर लें

शादी कर लें 

खुद ही डाल 
पैरों में बेडी
खुद की नीलाम
आजादी कर लें ,
वे चाहते हैं ,
हम शादी कर लें |

कैसे स्वछन्द से 
नजरबन्द हो जायें ,
समय पर आना -जाना ,
उठना -बैठना, सोना  - जागना ,
कैसे इतने पाबन्द हो जायें !
कैसे खुद को गुलाम ,
उन्हें शहजादी कर लें !
वे चाहते हैं ,
हम शादी कर लें |

आज हम मालिक हैं 
अपनी मर्जी के ,
कैसे बंदिश में 
रहेंगे किसी के !
गैर - मियादी छूट को 
कैसे भला मियादी कर लें |
वे चाहते हैं ,
हम शादी कर लें |

                                      "प्रवेश"

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