मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Monday, March 28, 2011

वक़्त नहीं लगता

वक़्त नहीं लगता 

वक़्त गुजरते , वक़्त नहीं लगता |

लग जाते हैं बरसों , 
शिखर तक पहुँचते,
शिखर से उतरते , वक़्त नहीं लगता |

कल की ही बात है ,
हम दोस्त हुआ करते थे ,
रिश्ते बदलते, वक़्त नहीं लगता |

किसके वश में भला 
चाहना , न चाहना !
दिल को मचलते , वक़्त नहीं लगता |

यूँ सरेआम न 
इशारा किया कीजिये ,
लोगों को समझते , वक़्त नहीं लगता |

आज नाकारा हैं ,
तो ठुकराओगे हमें !
तकदीरें बदलते , वक़्त नहीं लगता |

अब कुछ भी कहने की 
गुंजाइश ही नहीं है , 
इरादा बदलते , वक़्त नहीं लगता |

(राजनीति से )

कर लो जतन
कल की खातिर ऐ गद्दारो,
तख्ता पलटते , वक़्त नहीं लगता |

                                                    " प्रवेश" 

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