मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Saturday, March 19, 2011

जिन्हें जल्दी थी

जिन्हें जल्दी थी 

कुछ बुरे गये, कुछ भले गये,
जिन्हें जल्दी थी , वे चले गये |

कुछ दूर हमारे साथ चलें ,
अरमान ये दिल में पले गये ,
जिन्हें जल्दी थी , वे चले गए |

जो ख्वाब जुड़े थे संग उनके ,
कुछ भून दिए , कुछ तले गये ,
जिन्हें जल्दी थी , वे चले गये |

हालात , वक़्त और रब ने हमको ,
जिस रूप में ढाला, ढले गये ,
जिन्हें जल्दी थी , वे चले गये |

लौट आने की आस में उनकी ,
जलने लगे और जले गये ,
जिन्हें जल्दी थी , वे चले गये |

जल्दी जाने की होड़ में हम ,
वक़्त के हाथों मले गये ,
जिन्हें जल्दी थी , वे चले गये |

                                            "प्रवेश "

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