मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Sunday, March 13, 2011

होली के गीत

होली के गीत 

आज तो बनते हैं 
फिरंगी बोली के गीत ,
कौन लिखता है भला 
अब होली के गीत !

सुनने की खातिर 
कहाँ बनते हैं गाने ,
जो बनते हैं वो 
केवल जिस्म दिखने ,
अब तो बनते हैं 
घाघरा - चोली के गीत ,
कौन लिखता है भला 
अब होली के गीत !

रंग - गुलाल और 
पानी के गाने ,
कान्हा के संग 
राधा रानी के गाने ,
गोपियों के संग 
हमजोली के गीत ,
कौन लिखता है भला 
अब होली के गीत !

मिलना कई 
यारों से पुराने ,
वो घर - घर जाना 
गुलाल लगाने ,
यारों की महफ़िल 
हँसी - ठिठोली के गीत ,
कौन लिखता है भला 
अब होली के गीत !

                                 "प्रवेश" 


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