मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Friday, March 11, 2011

'मैं ' में 'खुद '

'मैं ' में 'खुद '

दुनिया की इस भीड़ में 
अपने वजूद को ढूंढता हूँ ,
'मैं ' में 'खुद ' को ढूंढता हूँ |

टटोलता , खंगालता 
सब में मौजूद को ढूंढता हूँ ,
'मैं ' में 'खुद ' को ढूंढता हूँ |

धूप - छाँव में एक सा ,
फक्कड़ अवधूत को ढूंढता हूँ ,
'मैं ' में 'खुद ' को ढूंढता हूँ |

दंभ , कपट और द्वेषकाल में ,
नव प्रेमयुग को ढूंढता हूँ ,
'मैं ' में 'खुद ' को ढूंढता हूँ |

                                          " प्रवेश"

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