मेरा गद्य ब्लॉग - सोच विचार

Thursday, January 27, 2011

पतझड़

पतझड़

ढीली पड़ना पत्ती पर
टहनी की पकड़ का ,
है संकेत आगमन का
पतझड़ का |

ऐसी कोई वजह न थी,
पत्ती टहनी को छोड़ सके
तेज हवा के झोंके भी ,
मजबूत पकड़ न तोड़ सके |

पत्ती का टहनी से बिछोड
वक़्त है इसका जिम्मेदार,
कौन बच सका है भला
जब वक़्त ने किया जमकर वार |

आपस में टकराने से ही
हो गए पत्ते टहनी से दूर,
कमजोर पकड़ और टकराना,
फिर टूटना... दुनिया का दस्तूर |
                                                                         प्रवेश

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